शनिवार, 5 सितंबर 2015

shayari

At sadda adda 18/6/2015
आँखों की गुस्ताखी से चोट दिल को लगी है,हमें तो आरज़ू थी  मौत की, पर अब तो मौत भी हमसे रुठी है।

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