मंगलवार, 29 सितंबर 2015

तुझे पाने की तमन्ना

तुझे पाने की तमन्ना तो आज भी है,बस जिक्र करना छोड़ दिया है ।
मेरी सांसों के सुर में तो तुम आज भी हो,बस हमनें सुनाना छोड़ दिया है।
 मेरी नज़रों को जुस्तजू तो तेरी आज भी है,बस मेरी आँखों ने रात भर सोना छोड़ दिया है।
मोहब्बत में दर्द तो मुझे आज भी हैं,बस याद में उनकी रोना छोड़ दिया है।
तुझमें खो जाने की चाहत तो आज भी है,बस   मरने की आरज़ू में जीना छोड़ दिया है।

तेरे इन्तजार में

अश्क बहते रहे,दिल रोता रहा,
तेरे इंतजार में
मोहब्बत की बस्ती मेरी उजड गयी
बैचेन सा मन मेरा ख्वाब तेरे पिरोता रहा
तेरे इंतजार में
दर्द को मेरे ना कोइ किनारा मिला
ना मंजिल मिली ना सफर मिला
फिर भी मैं बहता रहा
तेरे इंतजार में
ना जमीं मिली ना आसमां मिला
मुझे तेरे दिल के सहरा में
बस कांटों भरा गम का सेज मिलता रहा
तेरे इंतजार में

रविवार, 13 सितंबर 2015

अब नहीं रहना मुझे मेरे जैसा।

हो जाऊँगा मैं भी तेरे जैसा,अब नहीं रहना मुझे मेरे जैसा।
भरोसे के रास्ते चलकर क्या मिला,अब नहीं रहना मुझे मेरे जैसा।
 ना प्यार मिला ना हमदर्द मिला,जो मिला बस मिला तेरे जैसा।
प्यासा हैं प्यार का,प्यार बांटने वाला,अब नहीं रहना मुझे मेरे जैसा।
Avi

गुरुवार, 10 सितंबर 2015

मन तुझमें ही बसा हैं

मेरी उम्मीद का गुल मुरझा चुका है,
फिर क्यों ये मन तुझमें ही बसा है,
जानता है ये दिल कि मैं तुझमें नहीं
फिर क्यों ये मन तुझमें ही बसा है,
कर  दिया हैं  तुमनें घायल मुझको,
फिर क्यों ये मन तुझमें ही बसा है।

रविवार, 6 सितंबर 2015

my creation

जब से हमने जाना है कि कोई हमें चाहने लगा है ,इन फिजाओं में भी उनका एहसास होने लगा है। बडा सुकुन मिल रहा है इन बहारों में,अब तो ये पागल दिल भी उनको ही प्यार करने लगा है।।avi

शनिवार, 5 सितंबर 2015

मन तेरी ओर चले

खुले आसमान के तले,मतवाली पवन चले।
सूरज डूब रहा,अपने घरों को पंछी निकले।
शाम ढले,शाम ढले ,ये शाम ढले।
डूब रहा हूँ मैं भी तुझमें,
धड़कन बनके दिल में जब तू धड़के,
 मन मेरा तेरी ओर चले,
तेरी ओर चले,बस तेरी ओर चले।
Avi  💘

shayari

At sadda adda 18/6/2015
आँखों की गुस्ताखी से चोट दिल को लगी है,हमें तो आरज़ू थी  मौत की, पर अब तो मौत भी हमसे रुठी है।